
रुद्रपुर। जेसीज पब्लिक स्कूल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दोनों महान राष्ट्रनायकों के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक, प्रधानाचार्य एवं सेक्शन हेड्स द्वारा महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, रामधुन एवं भाषणों के माध्यम से दोनों महापुरुषों के प्रेरणादायी जीवन और विचारों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग और स्वच्छता अभियान जैसी विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग और स्वच्छता अभियान जैसी विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
विद्यालय के महासचिव श्री सुरजीत सिंह ग्रोवर ने कहा कि महान राष्ट्रनायकों का स्मरण केवल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर उनकी विरासत को आगे बढ़ाना है।

विद्यालय के निदेशक श्री सुधांशु पंत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक श्री सुधांशु पंत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भी विद्यार्थियों से दोनों महापुरुषों के चरित्र एवं आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जिम्मेदार, संवेदनशील एवं प्रगतिशील नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, एकता, स्वच्छता, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और युवा पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा लेकर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

