
प्रदेश में 95,000 ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम काट दिए गए हैं। हालांकि अंतिम मतदाता सूची आने के बाद नए सिरे से फॉर्म-6 भरकर वोटर बन सकते हैं।
प्रदेश में चल रहे चुनाव आयोग के एसआईआर के बीच आपत्तियों की सुनवाई में शामिल न होने पर जो वोट ईआरओ या एईआरओ ने काट दिया है, उसे उनके स्तर से दोबारा जोड़ा नहीं जा सकता। प्रदेश में 95,000 ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम काट दिए गए हैं। हालांकि अंतिम मतदाता सूची आने के बाद नए सिरे से फॉर्म-6 भरकर वोटर बन सकते हैं।
प्रदेश में एसआईआर के दौरान 1.73 लाख आपत्तियां दर्ज हुईं। इनमें से करीब 20 हजार आपत्तियों को फर्जी पाते हुए ईआरओ-एईआरओ ने अपने स्तर से खारिज कर दिया। 95,000 आपत्तियों की सुनवाई में कोई नहीं आया। इस वजह से ईआरओ ने उन्हें फॉर्म-7 में शामिल कर दिया। यानी वोटर लिस्ट से उनका नाम कट गया है। इनमें से अगर कोई मतदाता गलती से कट भी गया तो ईआरओ अपने स्तर से उसे जोड़ नहीं सकते हैं।
अब एसआईआर के तहत आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए 28 सितंबर तक का ही समय बचा है। तीन अक्तूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम अंतिम मतदाता सूची जारी कर देंगे। इसके बाद तस्वीर पूरी तरह से साफ होगी कि किस कारण कितने वोटर मतदाता सूची से हटा गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि ऐसे सभी मतदाताओं को दोबारा फॉर्म-6 भरकर मतदाता बनने का मौका दिया जाएगा। अब जो भी नए फॉर्म-6 भरे जा रहे हैं, उनके आवेदन पर तीन अक्तूबर के बाद ही काम होगा।
प्रदेशभर से एसआईआर की निर्धारित तिथियों के दौरान नए मतदाता बनने के लिए करीब सवा लाख फॉर्म-6 भरे गए हैं। इसके साथ सभी ने घोषणा पत्र भी भरा है, जिसमें वर्ष 2003 के वोट की जानकारी शामिल की गई है। निर्धारित समयावधि में जो फॉर्म आए हैं, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने अपील की है कि अंतिम मतदाता सूची आने के बाद सभी अपना नाम जरूर चेक कर लें।
एसआईआर सुपर चेकिंग के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर शनिवार को निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण किया। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी ने हरिद्वार का भ्रमण किया। इसके अतिरिक्त सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने ऊधमसिंह नगर, नैनीताल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों स्थलीय निरीक्षण कर फॉर्म-6,7 एवं 8 की सुपर चेकिंग के तहत समीक्षा की।

