बतौर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज चार जुलाई को पांच साल का कार्यकाल (1831 दिन) पूरा कर रहे हैं। इस कार्यकाल में धामी सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देकर विकास को रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को पूर्ण विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास के ठोस परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और राज्य का बजट बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
शनिवार को आईडीपीएल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ मधु उत्पादन, आधुनिक बागवानी, सुगंधित पौधों और फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नई स्टार्टअप नीति, एक जिला-एक उत्पाद योजना, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना लागू की गई हैं।
सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। नारी सशक्तीकरण योजना, महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 2.65 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। चारधाम यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है और इस वर्ष दो माह में ही 43.60 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, आदि कैलाश यात्रा में भी अब तक 55 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सीएम धामी ने कहा उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में लगातार वृद्धि हो रही है।