UK: स्कूली बच्चे बने साइबर अपराधी! ऐप डाउनलोड कर बंद कर रहे ई-रिक्शा, पुलिस भी हैरान !

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संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में पता चला कि कुछ स्कूली छात्र प्ले स्टोर से बैट बीएमएस एप डाउनलोड कर ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शों की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से कनेक्ट हो रहे हैं और वाहन बंद कर रहे हैं।

रुद्रपुर शहर में चलते ई-रिक्शों के अचानक बंद होने की घटनाओं के पीछे एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में पता चला है कि कुछ स्कूली छात्र प्ले स्टोर से बैट बीएमएस नाम का मोबाइल एप डाउनलोड कर ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से कनेक्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।

पड़ताल के दौरान कुछ छात्रों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के समय कई स्थानों पर ई-रिक्शों की भीड़ लग जाती है। उनका कहना है कि कुछ चालक सड़क के बीच सवारियां बैठाने और उतारने लगते हैं जिससे जाम की स्थिति बनती है और छात्रों को घर पहुंचने में देर होती है। कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि कई बार ई-रिक्शों की वजह से वे हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। एक छात्र ने कहा प्ले स्टोर पर यह एप आसानी से मिल जाता है। दोस्तों से इसके बारे में जानकारी मिली थी। जाम से बचने के लिए हमने इसका इस्तेमाल करना शुरू किया। एक अन्य छात्र ने बताया, स्कूल की छुट्टी के समय ई-रिक्शे सड़क घेर लेते हैं। कई बार निकलने का रास्ता नहीं मिलता। इसलिए कुछ बच्चे मोबाइल एप से रिक्शा बंद कर देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी डिजिटल एप का इस तरह उपयोग करना कानूनन गलत हो सकता है और इससे सड़क पर गंभीर हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है। वहीं, एप से परेशान हो चुके ई-रिक्शा चालकों ने संबंधित विभागों से ऐसे एप के दुरुपयोग की जांच और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

संबंधित एप के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद कोई कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील है कि ऐसे किसी भी एप का प्रयोग गलत तरीके से करने से बचें।

क्या बोने ई-रिक्शा चालक

 

 

मेरे ई-रिक्शा में अब तक दो बार मोबाइल एप के जरिये बैटरी से सप्लाई बंद की जा चुकी है। तीन दिन पहले गिरीताल में रिक्शे में तीन महिला सवारी बैठी थीं। रिक्शा बीच में बंद होने पर सवारी उतर कर चली गईं।
– बॉबी कुमार, नगर निवासी।

 

दो दिन पहले ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते बंद हो गई। तब काफी प्रयास किया लेकिन स्टार्ट नहीं हुई। ई-रिक्शा को एजेंसी पर ले गया जहां 1200 रुपये में विद्युत सप्लाई का लॉक खुला। – मोनू कुमार, मानपुर रोड निवासी

 

मोबाइल एप के जरिये सिंगल बैटरी वाले ई-रिक्शा बंद करने की कई घटना अन्य शहरों की सुन चुका हूूं। जसपुर में अभी ऐसी कोई घटना सुनाई नहीं आई है। यह शरारत रिक्शा चालकों की जेब पर भारी पड़ रही है।


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