Uttarakhand: चारधाम के साथ अन्य मंदिरों में भी उमड़ा आस्था का सैलाब, त्रियुगीनारायण में श्रद्धालुओं की संख्या ढाई गुना बढ़ी !

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चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, जनवरी से जून तक जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी।

चारधाम के साथ अन्य ऐतिहासिक मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बन रहा है। इस साल अब तक जागेश्वर व त्रियुगीनारायण में बीते वर्ष की तुलना में ढाई गुना अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं, धारी देवी व पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना श्रद्धालु बढ़े हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या को प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने के साथ केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड मंदिरमाला मिशन के तहत पौराणिक मंदिरों का विकास, बुनियादी सुविधाएं, सड़कों का विस्तार किया जा रहा है।

चारधाम यात्रा में अब तक 45.84 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, जनवरी से जून तक जागेश्वर धाम में 1.74 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी। पूर्णागिरि धाम में जून माह तक 20,91,788 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बीते वर्ष इसी अवधि में 14,35,290 यात्रियों ने दर्शन किए थे। धारी देवी में दर्शनार्थियों की संख्या 5,42,626 रही है, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2,83,275 था। त्रियुगीनारायण में भी श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष 3.40 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में भक्तों की संख्या 1.36 लाख थी।
टिहरी जिले का ऋषिकेश से सटा मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 15,97,439 सैलानी यहां आ चुके हैं, जबकि बीते वर्ष यह आंकड़ा 13,62,600 था। इसी प्रकार रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर, टिहरी जिले में सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वर्ष जनवरी से जून तक 24.34 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं।यमुनोत्री में टूटा पुराना रिकॉर्ड
उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम की यात्रा कठिन होने के बावजूद यहां इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस यात्राकाल में दो अगस्त तक 6.55 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। धाम के इतिहास में यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। इससे पूर्व 2025 में 6.44 लाख, 2024 में 5.15 लाख, 2023 में 5.61 लाख, 2022 में 6.21 लाख व 2021 में 33,331 तीर्थयात्री यहां पहुंचे हैं।

आदि कैलाश यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
पिथौरागढ़ जिले के आदि कैलाश धाम में भी दर्शनार्थियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। दो माह में ही 52,441 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। फिलहाल मानसून के चलते एक जुलाई से यात्रा पर रोक है। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश दर्शनार्थियों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से पहले यहां आने वाले यात्रियों की संख्या 2000 से भी कम थी। वर्ष 2023 से भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजन के अनुरूप उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों के विकास किया जा रहा है। तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।


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