
दिवाली के दौरान उल्लू की पूजा से धन-संपदा बढ़ने के अंधविश्वास के चलते वन्यजीवों के अवैध शिकार और कारोबार का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव ने वनाधिकारियों को पत्र जारी कर उल्लुओं और अन्य निशाचर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाने समेत जरूरी निर्देश दिए हैं।

दिवाली करीब आने के साथ ही एक बार फिर वन्यजीवों पर खतरा मंडराने लगा है। वन्यजीवों से जुड़े कई अंधविश्वास हैं, इसको देखते हुए वन मुख्यालय ने उल्लू और दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वनाधिकारियों को पत्र भेजते हुए गश्त बढ़ाने समेत कई निर्देश दिए हैं।
उल्लू और धन का संबंध
अंधविश्वास है कि दिवाली के समय उल्लू से जुड़ी पूजा की जाए, तो धन, संपदा बढ़ती है। इसी धन बढ़ोतरी की उम्मीद में कुछ लोग उल्लू के लिए मनमाफिक राशि देने को तैयार रहते हैं। ऐसे में शिकारियों के उल्लू के पकड़ने, अवैध रूप से कब्जे में रखने और व्यापार करने की आशंका रहती है।

