
काशीपुर। कुमाऊं और गढ़वाल के बीच बन रही बिजली लाइन में टावरों का रोड़ा खड़ा हो गया है। काशीपुर के किसान खेतों में टावर लगाने का विरोध कर रहे हैं। मामला सुलझाने के लिए प्रशासन, कंपनी और किसानों के बीच चली वार्ता भी बेनतीजा रही है।

यह है भारत सरकार का प्रोजेक्ट
भारत सरकार सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटीलिटी (सीटीयू) ने उत्तराखंड में गढ़वाल के श्रीनगर से कुमाऊं के रम्पुरा काशीपुर 400 केवी बिजली घर को जोड़ने के लिए लाइन निर्माण को टेंडर निकाले थे। कार्यदायी संस्था हैदराबाद की कंपनी खंदूखाल रम्पुरा ट्रांसमिशन प्रा.लि. (केआरटीएल) ने करीब 575 करोड़ रुपये में इस टेंडर को हासिल कर लिया था। सरकार 35 साल तक प्रति वर्ष कंपनी को 60 करोड़ देगी। इस कंपनी ने कार्य का जिम्मा मेघा इंजीनियरिंग कंपनी को सौंपा है। दिसंबर 2022 से कार्यदायी संस्था ने लाइन निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। इसी वर्ष इसके पूरा होने की संभावना है।
भारत सरकार सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटीलिटी (सीटीयू) ने उत्तराखंड में गढ़वाल के श्रीनगर से कुमाऊं के रम्पुरा काशीपुर 400 केवी बिजली घर को जोड़ने के लिए लाइन निर्माण को टेंडर निकाले थे। कार्यदायी संस्था हैदराबाद की कंपनी खंदूखाल रम्पुरा ट्रांसमिशन प्रा.लि. (केआरटीएल) ने करीब 575 करोड़ रुपये में इस टेंडर को हासिल कर लिया था। सरकार 35 साल तक प्रति वर्ष कंपनी को 60 करोड़ देगी। इस कंपनी ने कार्य का जिम्मा मेघा इंजीनियरिंग कंपनी को सौंपा है। दिसंबर 2022 से कार्यदायी संस्था ने लाइन निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। इसी वर्ष इसके पूरा होने की संभावना है।
कोट:
सीतारामपुर में दो टावर लगने हैं। किसानों ने टावर लगाने को मना किया है। सरकार ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए वर्ष 2023 और 2024 में गजट नोटिफिकेशन निकाल रखा था। किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
सीतारामपुर में दो टावर लगने हैं। किसानों ने टावर लगाने को मना किया है। सरकार ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए वर्ष 2023 और 2024 में गजट नोटिफिकेशन निकाल रखा था। किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
– बीके सिंह, जीएम (प्रोजेक्ट मैनेजर), खंदूखाल रम्पुरा ट्रांसमिशन प्रा.लि. कार्यालय कोटद्वार
कोट:
कंपनी और किसानों के बीच वार्ता कराई गई है। किसानों ने 13 जुलाई तक का समय लिया है। निर्धातिर तिथि को इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा।


