
राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर बगवाड़ा में फायरिंग के मामले में आबकारी विभाग का सिपाही बलजीत सिंह का नाम सामने आ रहा है। वहीं बताया जा रहा है बलजीत का विवादों से पुराना नाता रहा है और अपनी दबंगई के लिए पूरे शहर में कई बार सुर्खियों में रह चुका है और पूर्व में उसका तबादला शिकायत के आधार पर ही बागेश्वर किया गया था लेकिन वह अपने गृह जनपद रुद्रपुर में दोबारा तिकड़मबाजी करके लौट आया ये भी सवाल खड़े कर रहा है। सोमवार रात्रिफ़िल्मी स्टाइल में हुई फायरिंग के मामले में अब उस पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है, इसके साथ ही सहायक आबकारी आयुक्त (प्रवर्तन) ताराचंद ने भी आरोपी सिपाही से जवाब तलब किया है।
आबकारी विभाग की जनपदीय प्रवर्तन शाखा का सिपाही बलजीत सिंह लालपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। रुद्रपुर में उसकी जॉइनिंग फरवरी, 2025 में हुई है। इससे पहले वह बागेश्वर में तैनात था और उसका तबादला शिकायत के आधार पर ही किया गया था। जिस पिस्टल से बलजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ फायरिंग की, वह उसकी निजी होना बताया जा रहा है। और सवाल खड़ा होता है कि जिस तरह पूरे राज्य में आचार संहिता लगी हुई थी और अभी 2 तारीख में ही आचार संहिता हटी है फिर क्यों नहीं बलजीत की पर्सनल पिस्टल जमा हुई? और जिस तरह से सरे आम सिपाही बलजीत द्वारा हाईवे पर पिस्टल से फायर किए गए ये भी सवालों के घेरे में आता है।
इसके साथ ही सहायक आबकारी आयुक्त ताराचंद का कहना है कि बलजीत घटना के वक्त ड्यूटी पर भी नहीं था। उसका इस तरह खुलेआम हाईवे पर फायरिंग करना तमाम सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि आखिर बलजीत ट्रांसपोर्टर के विवाद में बीच में क्यों आया ? क्यों उसके द्वारा सिविल पुलिस को सूचना नहीं दी गई ? और किसके पक्ष में उसने फायरिंग कर दी? और फिर अब समझौते के लिए दबाव क्यों बना रहा है ? वहीं कल रात से बगवाड़ा चौकी प्रभारी द्वारा उसे बुलाए जाने के बाद भी वो क्यों अभी तक बगवाड़ा चौकी नहीं पहुँचा? कुल मिलाकर यह सब सवाल ऐसे हैं जिसका जवाब बलजीत को देना है पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा इस मामले में काफी गंभीर हैं। और उन्होंने थाना और चौकी पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन ताराचंद का कहना है कि बलजीत से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वह आबकारी विभाग में वर्ष 2013 में भर्ती हुआ है। वहीं विभाग के सूत्र बताते हैं कि बलजीत के खिलाफ कई एक शिकायतें हैं। बार-बार वह अपने गृह जनपद में तबादला कैसे ले लेता है, यह भी बड़ा सवाल है।
आपको बता दें कि सोमवार रात दो ट्रक चालकों में आपसी विवाद के बाद बलजीत सिंह एक पक्ष के ट्रांसपोर्टर के साथ बगवाड़ा में हाईवे पर पहुंचा और हवाई फायरिंग की, जिसमें शेखर पाखी के पिता जख्मी हो गए थे, वहीं क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।


