
यह मनचाही तैनाती पाने का तरीका है। हाल ही में हुए 1500 से अधिक शिक्षकों के तबादलों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।
शिक्षा विभाग में सुगम क्षेत्रों में तबादला पाने के लिए शिक्षिकाएं कागजी तलाक का सहारा ले रही हैं। यह मनचाही तैनाती पाने का तरीका है। हाल ही में हुए 1500 से अधिक शिक्षकों के तबादलों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों के लिए एक्ट बना है।
इसके बावजूद 18 से 20 साल से दुर्गम में तैनात कई शिक्षिकाएं पहाड़ से नहीं उतर पा रही थीं। इस साल विभाग ने अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) की पांच श्रेणियों के तहत अनुरोध के आधार पर तबादले का निर्णय लिया। इनमें माता-पिता, सास-ससुर की बीमारी, तलाकशुदा, विधवा या विधुर होना भी तबादले के लिए आधार थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ शिक्षिकाओं ने मनचाही जगह पर तबादले के लिए पति से तलाक ले लिया। हद तो तब हो गई जब तलाक के बावजूद पति अपनी शिक्षिका पत्नी को स्कूल छोड़ने पहुंच रहे हैं, जो कागजी तलाक की पुष्टि करता है।
लंबे समय तक कठिन हालात में किया काम
सूत्रों के मुताबिक लंबे समय तक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में नौकरी करने के बावजूद शिक्षिकाओं को जब सुगम क्षेत्रों में तैनाती नहीं मिली। तो उन्होंने पति से कागजी तलाक का रास्ता अपनाया। जो दर्शाता है कि दुर्गम से निकलने के लिए वे हर संभव रास्ता अपनाने को तैयार हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की तहकीकात की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

