
काशीपुर के चर्चित अनूप अग्रवाल केस में आज एक बड़ी खबर सामने आई जिसमें सुप्रीम कोर्ट से आज अनूप अग्रवाल को उस समय बड़ा झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट नें उनकी विशेष अनुमति याचिका ख़ारिज कर दी। पहले जानते हैं क्या है पूरा मामला?

अनूप अग्रवाल काशीपुर केस क्या है?
काशीपुर के उद्यमी अनूप अग्रवाल से जुड़ा मामला मुख्य रूप से जमीन हड़पने, जान से मारने की धमकी देने और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा एक गंभीर केस है। उन पर और उनके सहयोगियों पर 6 एकड़ खेत की रजिस्ट्री करवाने और अनैतिक रूप से आरबीएम (RBM) निकालने का आरोप है। यह मामला काफी चर्चित हुआ जिसमें पुलिस उत्पीड़न के आरोप भी लगे और राजनीतिक हस्तक्षेप की भी चर्चा रही।
अनूप अग्रवाल काशीपुर केस की मुख्य बातें।
आरोप: काशीपुर निवासी अनूप अग्रवाल पर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत: जसपाल सिंह (गांव लुधपुरा) ने अनूप अग्रवाल और उनके साथियों पर आरोप लगाया है। कोतवाली काशीपुर में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 551/2023 में नामजद अभियुक्त अनूप अग्रवाल हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में दर्ज इस मामले में चल रही विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अन्य नामजद अभियुक्तों को धारा 41(क) सीआरपीसी के तहत नोटिस तामील कराया गया था, किंतु मुख्य अभियुक्त अनूप अग्रवाल पुलिस के समक्ष प्रस्तुत न होकर लगातार फरार चल रहे थे।
कानूनी स्थिति: अनूप अग्रवाल पर कई मुकदमों में वांछित होने के आरोप सामने आए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस पर उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए थे जिन्हें पुलिस ने बेबुनियाद बताया है। मामले में शामिल स्टोन क्रशर के पार्टनर्स द्वारा भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि अनूप अग्रवाल ने उनके व्यवसाय को प्रभावित किया और धमकाया पर पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय से अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया। इसके पश्चात भी न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर धारा 82 एवं 83 सीआरपीसी के अंतर्गत उद्घोषणा एवं कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई गई।
उक्त कार्रवाई को चुनौती देते हुए अभियुक्त अनूप अग्रवाल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में उद्घोषणा निरस्तीकरण हेतु याचिका दायर की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद अभियुक्त की ओर से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता गौरव भाटिया तथा एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सुदर्शन सिंह रावत ने प्रभावी एवं तार्किक ढंग से पक्ष रखा। न्यायालय ने प्रस्तुत तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त अनूप अग्रवाल की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।
अनूप अग्रवाल केस में बड़ा अपडेट।
फरार अभियुक्त अनूप अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से उस समय बड़ा झटका लगा जब उनकी विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद अब अभियुक्त के विरुद्ध जारी उद्घोषणा एवं कुर्की की कार्रवाई यथावत प्रभावी रहेगी। पुलिस द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।


