UK Monsoon: कुमाऊं में मेहरबान हुआ मानसून, बारिश से गिरी गर्मी; जानें आगे कैसा रहेगा मौसम !

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सोमवार देर रात कुमाऊं में मानसून ने दस्तक दे दी, जिससे मंगलवार को सभी जिलों में रुक-रुक कर और कहीं लगातार बारिश हुई। इससे हल्द्वानी का तापमान पिछले दो दिनों में 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

सोमवार देर रात मानसून ने कुमाऊं में दस्तक देकर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मंगलवार को कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में कहीं रुक-रुक कर तो कहीं लगातार बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बीते दो दिन में हल्द्वानी का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक क्षेत्र में इसी तरह बारिश का दौर जारी रहेगा।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. चंद्र सिंह ने बताया कि इस बार मानसून कुछ विलंब से पहुंचा है। सोमवार रात मानसून ने बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर से उत्तराखंड में प्रवेश किया।प्रदेश में हरिद्वार को छोड़कर सभी जिलों को मानसून ने कवर कर लिया लिया है। अगले चार पांच दिनों तक बारिश का दौर चलेगा। इधर आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे तक नैनीताल में सर्वाधिक 11 और हल्द्वानी में आठ मिलीमीटर बारिश हुई है। इस दौरान हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 26.4 और न्यूनतम 23.5 डिग्री रहा।

फसलों के लिए वरदान साबित होगी बारिश
जून के महीने में गर्मी के कारण लोग त्रस्त तो थे ही बारिश न होने के कारण खेती-बाड़ी भी प्रभावित हो रही थी। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अब मानसूनी बारिश शुरू होने से खेती-बाड़ी को भी फायदा होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में मडुवा और आलू की बुवाई आसान होगी वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश का फायदा काश्तकारों को मिलेगा।

हल्द्वानी का एक सप्ताह का अधिकतम तापमान

 

24 जून – 35 डिग्री

25 जून – 36 डिग्री

26 जून – 40 डिग्री

27 जून – 40 डिग्री

28 जून – 39 डिग्री

29 जून – 32.8 डिग्री

30 जून – 26.4 डिग्री

गौला बैराज में आज से घूमने पर प्रतिबंध
सिंचाई विभाग ने मानसून को देखते हुए बुधवार से गौला बैराज में घूमने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया है। काठगोदाम स्थित गौला बैराज में पर्यटकों के साथ ही शहरवासी अक्सर घूमने जाते हैं। टिकट लेने के बाद लोग कैंटीन के साथ ही बैराज से सटी गौला नदी में प्रवेश कर रहे हैं। विभाग के हूटर बजाने के साथ ही सख्त चेतावनी देने के बावजूद लोग बाज नहीं आ रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए कैंटीन को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। सिंचाई विभाग के ईई दिनेश रावत ने बताया कि वर्षाकाल में नदी के आसपास हादसों की आशंका बनी रहती है। पानी बढ़ने पर बैराज के गेट खोलने पड़ते हैं। अगले आदेशों तक यह आदेश लागू रहेगा।

 


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