
ईपीएफओ ने पीएफ न जमा करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन स्टोन क्रशर मालिकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिला पुलिस को बेलेबल वारंट तामील कराने का निर्देश दिया गया है।

कर्मचारियों का पीएफ जमा न करने वाले नियोक्ताओं पर ईपीएफओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ईपीएफओ ने तीन स्टोन क्रशर स्वामियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित जिले की पुलिस को बेलेबल वारंट तामील कराने के लिए कहा है। एक अन्य प्रतिष्ठान के स्वामी को भी सम्मन जारी किया है।
ईपीएफओ के सहायक आयुक्त दयानिधि वत्स ने बताया कि श्रमिकों की शिकायत थी कि बागेश्वर स्थित मां नंदा स्टोन क्रशर, बाबा जी स्टोन क्रशर और बैजनाथ स्टोन क्रशर अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों व श्रमिकों के पीएफ की धनराशि को जमा नहीं करा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद उक्त क्रशर स्वामियों क्रमश: दीपक लाल साह, संजीव वर्मा और राजेश पंत को तीन-चार बार सम्मन भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा कंपनी की मेल आईडी पर भी श्रमिकों के पीएफ जमा कराने संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।
उन्होंने बताया कि सम्मन प्राप्त न करने और भेजे गए ई-मेल का जवाब न देने के बाद अब ईपीएफओ ने पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर वारंट तामील कराकर तीनों स्वामियों को ईपीएफओ कार्यालय में उपस्थित कराने के लिए कहा है।
इन्हें जारी हुआ सम्मन
क्रशर स्वामियों के अलावा ईपीएफओ ने महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज के स्वामी को भी सम्मन जारी किया है। इसी तरह होटल सौरभ के स्वामी और होटल को लीज पर संचालित करने वाले अन्य नियोक्ताओं को भी नोटिस भेजे गए हैं। ईपीएफओ का कहना है कि ये सभी प्रतिष्ठान कर्मचारियों का पीएफ काट तो रहे हैं लेकिन उसे ईपीएफओ में जमा नहीं कर रहे। इससे कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते प्रभावित हो रहे हैं।
क्या होता है बेलेबल वारंट
बेलेबल वारंट का मतलब है कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर सकती है लेकिन उसे तय तारीख पर कोर्ट/ईपीएफओ कार्यालय में पेश करना जरूरी होता है। उपस्थित न होने पर गैर-जमानती वारंट भी जारी हो सकता है।


