
यात्रा पूरी कर लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि हमें हमेशा इस बात का मलाल रहेगा कि हमने भगवान शिव की भूमि पर पहुंचकर पवित्र मानसरोवर में डुबकी नहीं लगाई।

चीन की ओर से मानसरोवर में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध लगाने से कैलाश यात्रियों में निराशा है। यात्रा पूरी कर लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि हमें हमेशा इस बात का मलाल रहेगा कि हमने भगवान शिव की भूमि पर पहुंचकर पवित्र मानसरोवर में डुबकी नहीं लगाई।
सरोवर में साबुन से नहाते थे कुछ यात्री
यात्रा पूरी कर लौटे यात्रियों ने बताया कि मानसरोवर झील की परिक्रमा से पहले सभी यात्रियों को चीन प्रशासन की ओर से झील की सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वहां जाकर जानकारी मिली कि पूर्व में यात्री पवित्र मानसरोवर में साबुन से स्नान करते थे। ऐसे में झील को प्रदूषित होने से बचाने के लिए चीन ने यह निर्णय लिया है।
बोले यात्री
मानसरोवर में डुबकी लगाने पर चीन ने प्रतिबंध लगाया है। चीन ने मानसरोवर का पानी प्रदूषित होने से बचाने के लिए यह निर्णय लिया है। यह निर्णय काफी हद तक उचित है लेकिन मानसरोवर में डुबकी न लगाने का मलाल जरूर रहेगा।
सातवीं बार कैलाश मानवरोवर यात्रा पर गया। पूर्व में मानसरोवर में डुबकी लगाने पर प्रतिबंध नहीं था। 2018 के बाद चीन ने इस पर प्रतिबंध लगाया है। बाल्टियों में मानसरोवर से पानी भरकर स्नान किया। शिव की भूमि पर जाकर बाल्टी के पानी से भी स्नान करना सुखद अनुभूति है। चीन को धार्मिक भावनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।


