
खास बात ये है कि ऊधमसिंह नगर जिले में एक ही मतदाता के नाम से जो 6000 आपत्तियां दर्ज हुईं थीं, उनमें से ज्यादातर खारिज हो गई हैं।
उत्तराखंड में चल रहे चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत करीब 20 हजार आपत्तियां फर्जी पाई गई हैं। इन्हें खारिज कर दिया गया है। खास बात ये है कि ऊधमसिंह नगर जिले में एक ही मतदाता के नाम से जो 6000 आपत्तियां दर्ज हुईं थीं, उनमें से ज्यादातर खारिज हो गई हैं।
एसआईआर के तहत प्रदेश में इन दिनों डीएसई विद पीएसई अभियान चल रहा है। इसमें पांच जिलों के मतदाताओं का यूपी के सीमावर्ती जिलों की मतदाता सूची से मिलान कराया जा रहा है। दोहरे वोट होने पर कोई एक वोट कटेगा। प्रदेशभर में एसआईआर के दौरान एक लाख 73 हजार फॉर्म-7 प्राप्त हुए। इनमें वे मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने खुद किसी कारणवश वोट काटने का फॉर्म-7 भरा है। इनमें 95,000 ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनके नाम पर आपत्ति हुई थी लेकिन नोटिस के बावजूद सुनवाई में नहीं पहुंचे। न ही उन्होंने कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया।
लिहाजा, ईआरओ ने इनको अयोग्य की श्रेणी में शामिल कर दिया है, जो कि स्वत: फॉर्म-7 यानी वोट कटने की श्रेणी में आ गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इन सभी मतदाताओं को अब फॉर्म-6 भरकर नए सिरे से मतदाता बनने का मौका दिया जाएगा। अगर गलती से इनमें से किसी का वोट कट भी गया तो वह स्वत: नहीं जुड़ेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को एसआईआर के तहत देहरादून के रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित सारथी विहार में सुपर चेकिंग के अंतर्गत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने दस्तावेजों की जांच कर मतदाताओं से बातचीत की। जांच में पाया कि बीएलओ, ईआरओ स्तर पर फार्म-7 का विधिवत निस्तारण किया गया है। जन सामान्य से अपील की कि सभी मतदाता तीन अक्तूबर के बाद अपना नाम मतदाता सूची में जरूर देख लें।

