
21 से 26 सितंबर तक चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, अल्माेड़ा, नैनीताल, चंपावत जिले के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है।
प्रदेश से मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर तक राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने और बादल छाए रहने की संभावना है।
मानसून की सक्रियता के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश के साथ गर्जन होने की भी संभावना है। ऐसे में पहाड़ी जिलों में आवाजाही करने वाले लोगों को मौसम के मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है। राज्य के मैदानी इलाकों में भी बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। 21 से 26 सितंबर तक चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, अल्माेड़ा, नैनीताल, चंपावत जिले के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। मानसून विदाई की बात करें तो 25 से 30 सितंबर के बीच प्रदेश से मानसून की विदाई की संभावना है।

