टीवी का रिमोट मांगने पर दोस्त की बेटी को जड़ा थप्पड़, गला घोंटकर की हत्या

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उत्तर-पश्चिमी: दिल्ली के स्वरूप नगर में सात वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में उसके पिता के दोस्त को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने कथित तौर पर टीवी रिमोट को लेकर हुए झगड़े के बाद बच्ची की हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आरोपी की पहचान 35 वर्षीय रंजीत सिंह के रूप में हुई है जिसे नरेला औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि रंजीत मूल रूप से बिहार का निवासी है और स्वरूप नगर के भट्टा रोड क्षेत्र में रहता है। वह एक फैक्टरी में मजदूरी करता है। पुलिस को रविवार को जे-ब्लॉक, खड्डा कॉलोनी में लोगों की भीड़ जमा होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने एक घर में बच्ची को जमीन पर अचेत अवस्था में पाया और उसके शरीर पर चोट के निशान थे।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले, लेकिन पोस्टमॉर्टम के लिए शव को सुरक्षित रख लिया गया। उन्होंने कहा कि पूछताछ में रंजीत ने अपराध स्वीकार कर लिया। घटना वाले दिन रंजीत ने बच्ची के पिता के साथ शराब पी थी। फिर वह (आरोपी) घर से चला गया लेकिन कुछ देर बाद वापस आकर टीवी देखने लगा, जबकि बच्ची अपने पिता के मोबाइल पर ‘गेम’ खेल रही थी।

अधिकारियों के अनुसार, इसी दौरान बच्ची ने टीवी रिमोट से उसे परेशान कर दिया, जिससे गुस्से में आकर उसने बच्ची को मारा। बच्ची बेहोश हो गई और उसके मुंह से खून निकलने लगा। रंजीत ने फिर लोहे की रॉड से उसके गले पर वार किया जिससे संभवतः उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इसके बाद रंजीत ने बच्ची के शव को कपड़ों में लपेटकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया और उसके पिता का मोबाइल लेकर फरार हो गया।


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4 thoughts on “टीवी का रिमोट मांगने पर दोस्त की बेटी को जड़ा थप्पड़, गला घोंटकर की हत्या”

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  2. Лечение наркомании требует особого подхода и высокой квалификации персонала. В центре помогают людям, употребляющим как тяжелые опиаты, так и современные синтетические вещества. Опасность наркотиков в том, что они быстро вызывают необратимые изменения в психике. При поступлении пациента в первую очередь проводят детоксикацию наркозависимых, чтобы очистить организм от ядов. После этого начинается длительный этап восстановления личности. Специалисты знают, как страшен передоз и его последствия, поэтому всегда имеют в наличии препараты для экстренной реанимации. Родственники часто спрашивают про реабилитацию после алкоголизма и наркомании — эти процессы во многом схожи и требуют одинакового серьезного подхода.
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  3. При потере сознания, судорогах, нарушениях дыхания и других опасных проявлениях человеку требуется срочная помощь. Нарколог после осмотра может рекомендовать клинику, если лечение дома не обеспечивает необходимого контроля. Решение принимается исходя из состояния пациента, а не только из его желания остаться дома.
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