
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज कोटी भानियावाला में पांच दिवसीय प्रांतीय वैदिक गणित प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ। समापन अवसर पर गणित के शिक्षकों ने वैदिक गणित को लेकर अपने विचार रखे। विद्या भारती के गढ़वाल संभाग निरीक्षक नत्थीलाल बंगवाल ने कहा कि संघ के अंतर्गत कुल 44 संगठन कार्य कर रहे हैं। जिसमें से एक विद्या भारती के स्कूल हैं। चरित्रवान और देशभक्त विद्यार्थी बनाना ही विद्या भारती के स्कूलों का उद्देश्य है। विद्या भारती ने दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक स्कूल खोलकर शिक्षा की अलख जलाई है। देश में करीब 25 हजार विद्यालयों में 38 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हर वर्ष एक लाख 32 हजार विद्यार्थी प्रदेश के विद्या भारती के स्कूलों में शिक्षा पा रहे हैं। मेरिट और अन्य परीक्षाओं में भी विद्या भारती के विद्यार्थी अपनी पहचान बना रहे हैं।प्रधानाचार्य महिताब गुसाई ने कहा कि वैदिक गणित 16 मुख्य सूत्रों और 13 उपसूत्रों पर आधारित है। जिससे तेज गणना कर मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है। आधुनिक गणित के साथ वैदिक गणित पढ़कर विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में तेजी से गणित के सवालों को हल कर सकते हैं।


