
उत्तराखंड में शहरी और ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की जमीनों का अब आधुनिक तकनीक से सर्वेक्षण कर पुख्ता डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। धामी कैबिनेट ने मंगलवार को उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी, जिससे भूमि रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होने और संपत्ति विवाद कम होने की उम्मीद है।
सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की भूमि को आधुनिक तकनीक से लैस करने और संपत्ति के पुख्ता रिकॉर्ड तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसके तहत उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली 2026 को मंगलवार को धामी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
केंद्र के भूमि संसाधन विभाग (ग्रामीण विकास मंत्रालय) ने 25 सितंबर 2024 को डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत नक्शा (राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण) कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी भू-अभिलेखों के निर्माण और प्रबंधन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। इसी तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी यह आधुनिक सर्वेक्षण प्रणाली लाई जा रही है।

