अगर आपके वोट पर आपत्ति का नोटिस आए तो इसे हल्के में न लें। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।समय से जवाब न दिया तो वोट कट सकता है।
प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अगर आपके वोट पर भी आपत्ति का नोटिस आए तो कतई हल्के में न लें। आपकी लापरवाही के कारण आपका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रदेशभर में चल रहा एसआईआर अब अंतिम पड़ाव में है।
आपत्तिकर्ता जब नोटिस की सुनवाई के दौरान जाएगा तो वहां मतदाता के निवास न करने का प्रमाण भी देना होगा लेकिन मतदाता को भी अपने निवासी होने का प्रमाण ईआरओ या एईआरओ के सामने रखना है। लिहाजा, मतदाता के लिए चुनौती ज्यादा है। ऐसे में अगर बीएलओ के माध्यम से आपके पास फॉर्म-10 का नोटिस आता है तो उस के प्रति सजग रहें। हल्के में न लें। कहीं ऐसा न हो कि आपका वोट ही कट जाए।

