Rishikesh News: छुट्टी में भी ड्यूटी! डॉक्टर और फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर ने खोली बड़ी पोल !

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यमकेश्वर क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल गैंडखाल में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जांच के दौरान अस्पताल के उपस्थिति रजिस्टर की पड़ताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया। जुलाई माह के उपस्थिति रजिस्टर में 5 जुलाई (रविवार) के दिन भी डॉक्टर, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हस्ताक्षर दर्ज मिले, जबकि रविवार को अस्पताल नियमित रूप से बंद रहता है। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल गैंडखाल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की ओर से नियमित ड्यूटी पर न आने की शिकायत के बाद मंगलवार को जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी पौड़ी गढ़वाल की ओर से बनाई गई जांच समिति ने डॉक्टर, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बयान दर्ज किए।उसके बाद समिति के सदस्यों ने स्थानीय ग्राम प्रधानों के भी बयान दर्ज किए। ग्राम प्रधानों ने भी डॉक्टर और फार्मासिस्ट की ओर से नियमित ड्यूटी पर न आने की शिकायत जांच समिति के सदस्यों के सामने की। ग्राम पंचायत नांद मल्ला की प्रधान सोनिया चौहान, नकुर्ची की प्रधान नीलम देवी, गैंड की प्रधान शिवानी नेगी, ढासी के प्रधान प्रतिनिधि मनेंद्र बुटोला, धारी के प्रधान प्रतिनिधि मोहन सिंह रावत ने डॉक्टर और फार्मासिस्ट के 10 दिन के अंदर तबादले करने की मांग की। वहीं जांच के दौरान रजिस्टर में रविवार की उपस्थिति दर्ज होने के बाद कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्राम प्रधानों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट नियमित ड्यूटी नहीं करते। उनका कहना है कि दोनों कर्मचारी बारी-बारी से एक-एक दिन छोड़कर अस्पताल आते हैं और महीने में करीब 15 दिन ही सेवाएं देते हैं, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में पूरे महीने की हाजिरी दर्ज कर दी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे महीने की उपस्थिति एक साथ भरने के दौरान ही कर्मचारियों ने रविवार को भी हस्ताक्षर कर दिए, जिससे कथित फर्जी हाजिरी का मामला उजागर हो गया। वहीं समिति के सदस्यों की ओर से आश्वासन दिया गया कि वह डॉक्टर और फार्मासिस्ट के तबादले की संस्तुति की रिपोर्ट बनाकर भेजेंगे।


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